यूनिटास प्रोजेक्ट का अवलोकन और बिनेंस बूस्ट अभियान की शुरुआत
यूनिटास प्रोजेक्ट का परिचय
दोस्तों, अगर आप वेब3 की दुनिया में गहराई से उतरना चाहते हैं, तो यूनिटास प्रोटोकॉल जैसी इनोवेटिव DeFi प्रोजेक्ट्स को समझना जरूरी है। यह एक ऐसा डीसेंट्रलाइज्ड फाइनेंशियल प्रोटोकॉल है जो स्टेबलकॉइन्स और नई तरह की यूनिटाइज्ड करेंसी सिस्टम पर फोकस करता है। नॉन-प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन यूनिटास फाउंडेशन द्वारा डिजाइन और प्रमोट किया गया यह प्रोजेक्ट, इमर्जिंग मार्केट करेंसीज (EMCs) के लिए पेमेंट और फाइनेंशियल टूल्स लाता है। खासकर भारत जैसे उभरते बाजारों में जहां ट्रेडिशनल फाइनेंशियल सिस्टम की लिक्विडिटी कम है, क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स महंगे पड़ते हैं, वहां यह समस्याओं का समाधान बन सकता है।
मुख्य अवधारणा: यूनिटाइज्ड स्टेबलकॉइन्स
यूनिटास ने 'यूनिटाइज्ड स्टेबलकॉइन्स' नाम से एक नया स्टेबलकॉइन कैटेगरी पेश की है। यह सिंपल डॉलर-बेस्ड स्टेबलकॉइन नहीं है, बल्कि USDT, USDC या DAI जैसे डॉलर स्टेबलकॉइन्स को किसी इमर्जिंग मार्केट करेंसी के यूनिट के बराबर मैप करता है। उदाहरण के लिए:
- USD91 – यह भारतीय रुपए (INR) के यूनिट पर आधारित स्टेबलकॉइन है, जो भारत के यूजर्स के लिए रोजमर्रा के ट्रांजेक्शन्स को आसान बनाता है।
- USD971 – UAE दिरहम (AED) के यूनिट वाला स्टेबलकॉइन।
- USD84 – वियतनामी डोंग (VND) के बराबर।
- USD1 – शुद्ध डॉलर-बेस्ड स्टेबलकॉइन।
इन यूनिटाइज्ड स्टेबलकॉइन्स की खासियतें:
ये लोकल करेंसी से जुड़े होते हैं, लेकिन बैकग्राउंड में डॉलर स्टेबलकॉइन्स से ओवर-रिजर्व्ड सपोर्ट मिलता है।
- इन्हें कभी भी बिना शर्त USD स्टेबलकॉइन में कन्वर्ट किया जा सकता है।
- इमर्जिंग मार्केट्स के लिए परफेक्ट: विकासशील देशों के बिजनेस और इंडिविजुअल्स को क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स, सेटलमेंट्स और DeFi में पार्टिसिपेशन आसान बनाते हैं, बिना बैंकिंग सिस्टम पर निर्भर हुए।
भारत में सोचिए, जहां रुपए की वोलेटिलिटी और डॉलर एक्सेस की कमी आम समस्या है, ये टूल्स लोकल ट्रेडर्स को ग्लोबल मार्केट से जोड़ सकते हैं।
यह कैसे काम करता है
यूनिटास का फंडामेंटल सिस्टम ओवर-कॉलेटरलाइज्ड डॉलर स्टेबलकॉइन्स (जैसे USDT, USDC, DAI) पर टिका है। चेन-ऑन ओरेकल्स रीयल-टाइम एक्सचेंज रेट्स फेच करते हैं, जिससे डॉलर स्टेबलकॉइन्स को लोकल करेंसी यूनिट्स में ट्रांसलेट किया जाता है।
प्रोटोकॉल 130% से 200% तक का एक्स्ट्रा कॉलेटरल रेशियो बनाए रखता है ताकि स्टेबिलिटी सुनिश्चित हो। अगर यह 100% तक गिर जाए, तो ग्लोबल लिक्विडेशन मैकेनिज्म एक्टिवेट हो जाता है, और सभी यूनिटाइज्ड स्टेबलकॉइन्स को ऑटोमैटिकली USD स्टेबलकॉइन्स में बदल दिया जाता है, यूजर्स के फंड्स को सेफ रखते हुए।
प्रोजेक्ट के स्टेजेस और इकोसिस्टम अपडेट्स
सितंबर 2024 में यूनिटास प्रोटोकॉल ने अपना मेननेट फेज-2 लॉन्च किया, जिसमें इंश्योरेंस प्रोवाइडर्स (IPs) मैकेनिज्म और 4REX टोकन इकोनॉमी शामिल हैं। IPs प्रोटोकॉल को USDT लोन देकर यूनिटाइज्ड स्टेबलकॉइन्स के कॉलेटरल की जरूरत पूरी करते हैं।
4REX टोकन सिस्टम में ऑक्शन्स, प्रॉफिट शेयरिंग और IP से जुड़े रिवार्ड्स हैं, जो इकोसिस्टम को रन करने और रेवेन्यू डिस्ट्रीब्यूट करने में मदद करते हैं।
अब यूजर्स USDT को लोकल करेंसी यूनिट स्टेबलकॉइन्स में कन्वर्ट कर सकते हैं, जो इमर्जिंग मार्केट्स में डॉलर लिक्विडिटी की कमी को हल करता है। यह स्टेज बेसिक स्टेबलकॉइन सिस्टम से एडवांस्ड इंसेंटिव्स और चेन-ऑन फाइनेंशियल टूल्स की ओर एक बड़ा कदम है।
प्रोजेक्ट का मिशन और बैकग्राउंड
यूनिटास का लक्ष्य इमर्जिंग मार्केट्स में फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस और ग्लोबल फाइनेंशियल एक्सेस को बूस्ट करना है। फाउंडर्स का मानना है कि भारत जैसे देशों में ट्रेडिशनल सिस्टम में डॉलर लिक्विडिटी कम, बैंकिंग स्लो और क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजेक्शन्स मुश्किल हैं। ब्लॉकचेन और स्टेबलकॉइन्स से ओपन, ट्रांसपेरेंट और परमिशनलेस सर्विसेज मिल सकती हैं। यह आइडिया हिस्टोरिकल ब्रेटन वुड्स एग्रीमेंट के 'यूनिटास' कॉन्सेप्ट से इंस्पायर्ड है, जो एक ग्लोबल यूनिट ऑफ अकाउंट ट्रांसलेटर की तरह काम करता है।
प्रोजेक्ट की पोजिशनिंग और वैल्यू प्रॉपोजिशन
यूनिटास प्रोटोकॉल की कोर वैल्यूज:
इमर्जिंग मार्केट करेंसीज के लिए चेन-ऑन स्टेबल वैल्यू रिप्रेजेंटेशन।
DeFi ब्रिज – डेवलपिंग कंट्रीज के बिजनेसेस और इंडिविजुअल्स को ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट्स और DeFi में इक्वल एक्सेस।
क्रॉस-बॉर्डर सेटलमेंट्स और पेमेंट्स को ऑप्टिमाइज करना – ट्रांजेक्शन कॉस्ट्स और एक्सचेंज रिस्क्स कम।
इनोवेटिव स्टेबलकॉइन इकोनॉमी – ओवर-कॉलेटरल और डायनामिक लिक्विडेशन से सिक्योरिटी बढ़ाना।
टोकन सेल / TGE डायनामिक्स
यूनिटास का टोकन UP कई फेजेस में इश्यू हो रहा है:
बाइनेंस वॉलेट के लिए स्पेशल बूस्टर और टोकन जेनरेशन इवेंट (TGE)।
बाइनेंस वॉलेट 12 जनवरी 2026 को यूनिटास बूस्टर एक्टिविटी शुरू करेगा, जिसमें 30,000,000 UP रिवार्ड्स (टोटल सप्लाई का 3%) प्रोजेक्ट ग्रोथ और अर्ली यूजर्स को इंसेंटिवाइज करने के लिए।
TGE में क्वालिफाइड यूजर्स मेननेट लॉन्च से पहले 10,000,000 UP (1% टोटल, $50,000 वैल्यू) प्रायोरिटी सब्सक्रिप्शन पा सकेंगे।
BNB से सब्सक्रिप्शन, प्रोपोर्शनल अलोकेशन और वेस्टिंग/अनलॉक रूल्स के साथ।
यह ट्रेडिशनल फंडरेजिंग नहीं, बल्कि कम्युनिटी इंसेंटिव्स + TGE/बूस्टर स्टाइल है, जो बाइनेंस इकोसिस्टम में अर्ली पार्टिसिपेशन और लिक्विडिटी बूस्ट करता है।
ग्लोबल टॉप3 क्रिप्टो एक्सचेंजेस की सिफारिश:
बाइनेंस एक्सचेंज रजिस्ट्रेशन (ट्रेडिंग वॉल्यूम चैंपियन, सबसे ज्यादा वैरायटी, न्यूबी बोनांजास);
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