वेब3 की दुनिया में लेयर2 का नया सितारा उभर रहा है! अगर आप क्रिप्टो उत्साही हैं, तो RISE Chain पर नजर रखें – यह हाई-परफॉर्मेंस एथेरियम L2 प्रोजेक्ट है जिसने हाल ही में 7.2 मिलियन डॉलर की फंडिंग हासिल की है। अब इसका टेस्टनेट इंटरैक्शन आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है, और यह चेन-ऑन ट्रांजेक्शन स्पीड को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखता है।

RISE का दिल है इसका अनोखा कॉनकरेंट एक्जीक्यूशन इंजन, जिसे RiseVM कहा जाता है। यह इंजन ब्लॉकचेन पर ट्रांजेक्शंस को तेज और कुशल बनाता है, ताकि यूजर्स को स्मूथ एक्सपीरियंस मिले। भारत जैसे उभरते मार्केट्स में, जहां क्रिप्टो एडॉप्शन तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे इनोवेशंस हमें ज्यादा एक्सेसिबल फाइनेंशियल टूल्स की ओर ले जाते हैं।

अभी इसके इकोसिस्टम में DEX लाइव हो चुका है। यहां जीरो कॉस्ट पर इंटरैक्ट करके आप फ्यूचर के ऑफिशियल एयरड्रॉप में अपनी पोजीशन मजबूत कर सकते हैं। यह एक शानदार मौका है उन लोगों के लिए जो लॉन्ग-टर्म वैल्यू क्रिएट करना चाहते हैं।

कैसे जॉइन करें और बेसिक स्टेप्स फॉलो करें

  1. टेस्टनेट में एंटर करें

RISE Chain के इकोसिस्टम DEX टेस्टनेट पेज पर जाने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें। यह आसान एक्सेस देगा।

  1. वॉलेट कनेक्ट करें और टेस्ट टोकन्स क्लेम करें

पेज पर पहुंचने के बाद, अपना वॉलेट (जैसे MetaMask) कनेक्ट करें। फिर फॉसेट (Faucet) पर क्लिक करके फ्री टेस्ट टोकन्स लें – ये आगे की ट्रेडिंग के लिए इस्तेमाल होंगे।

  1. ट्रेडिंग का अनुभव लें

टेस्टनेट का इंटरफेस पॉपुलर DEX की तरह ही है, जो सुपर स्मूथ है। अपनी पसंदीदा करेंसी पेयर चुनें, लीवरेज मल्टीप्लायर सेट करें (ट्रेड ओपनिंग के लिए), लॉन्ग या शॉर्ट डायरेक्शन डिसाइड करें, और मार्केट या लिमिट ऑर्डर चुनें।

कोइन-बेस्ड मोड पर स्विच करना न भूलें, ट्रेड अमाउंट एंटर करें, और ऑर्डर प्लेस कर दें। यह प्रोसेस इतना सरल है कि नौसिखिए भी आसानी से हैंडल कर लेंगे।

  1. ऑर्डर मैनेजमेंट

ट्रेड प्लेस करने के बाद, पेज के नीचे अपने पोजीशंस चेक करें। यहां वन-क्लिक क्लोज, स्टॉप-लॉस या टेक-प्रॉफिट सेट करने जैसे फीचर्स हैं – सब कुछ यूजर-फ्रेंडली।

ट्रेडिंग आसान है, लेकिन असली फोकस एक बार की बजाय टेस्टनेट पीरियड में रेगुलर एक्टिविटी पर होना चाहिए। इससे आपका एंगेजमेंट स्कोर बेहतर बनेगा।

पार्टिसिपेशन टिप्स

टेस्टनेट में सफलता का राज सिंगल ट्रांजेक्शन नहीं, बल्कि कंसिस्टेंट इनवॉल्वमेंट है।

रियल-लाइफ सिमुलेशन: अलग-अलग लीवरेज लेवल्स ट्राई करें, जैसे 3x या 5x, और पोजीशन होल्ड करने के बाद क्लोज करें। इससे आपको प्रोजेक्ट की सच्ची पावर समझ आएगी।

एक्टिविटी फ्रीक्वेंसी: पास्ट एयरड्रॉप्स से सीखते हुए, 3-5 दिनों तक रोज 1-2 छोटे ट्रेड्स करना ज्यादा इफेक्टिव है बजाय एक दिन में 100 ट्रेड्स के स्पैमिंग के। भारत के क्रिप्टो कम्युनिटी में, ऐसे स्मार्ट अप्रोच से लोग लॉन्ग-टर्म रिवार्ड्स हासिल करते हैं।

महत्वपूर्ण नोट: टेस्टनेट पर वर्चुअल असेट्स यूज होते हैं, कोई रियल लॉस नहीं। लेकिन मेननेट लॉन्च के बाद कॉन्ट्रैक्ट ट्रेडिंग हाई-रिस्क वाली है – इनवेस्टमेंट सावधानी से करें, रेशनल रहें!

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